दिल की उमंगें देखो हुई जवाँ, आज फिर याद आया वो मेहरबाँ। दिल की उमंगें देखो हुई जवाँ, आज फिर याद आया वो मेहरबाँ।
ध्यान रखना है हमें स्वयं का, यही तो हमारी कलाकारी है। ध्यान रखना है हमें स्वयं का, यही तो हमारी कलाकारी है।
फिर से जैसे जिंदगी की ओर मुड़ने लगी हूं। फिर से जैसे जिंदगी की ओर मुड़ने लगी हूं।
मारो रे मारो पेडल मारो आया वक्त पेडल मारने का उग गया है सूरज एक नया सवेरा। मारो रे मारो पेडल मारो आया वक्त पेडल मारने का उग गया है सूरज एक नया सवेर...
हर सुबह एक नई रोशनी लेकर आती है। हर कोना हमें अपनी मंजिल की ओर ले जाती है। हर सुबह एक नई रोशनी लेकर आती है। हर कोना हमें अपनी मंजिल की ओर ले जाती है।